छ ग बोर्ड कक्षा 10 प्रश्नपत्र संस्कृत (सामान्य)  2017

विषय: संस्कृत (सामान्य)
निर्देश : सभी प्रश्रों को हल कीजिए :
1. (अ) खण्ड ‘अ’ का खण्ड ‘ब’ के साथ उचित संबंध जोडि़ए :
खण्ड ‘अ’ खण्ड ‘ब’
1. लक्ष्मण मंदिरं - निर्जीवम्
2. मेघदूतम् - दुर्जने
3. शाठ्य सदा - वासटा
4. चिता - परायणं नास्ति
5. रामात् परतरं - कालिदास:
(ब) उचित शब्द चुनकर लिखिए :
1. गन्धेनहीनं न शोभते :
क. वदनं ख. वचनं
ग. सुमनं घ. मुखं
2. रामायणस्य रचयिता अस्ति:
क. व्यास: ख. गणेश:
ग. वाल्मीकि: घ. कालिदास
3. महानद्या: तटे स्थित: अस्ति:
क. दामाखेडा ख. मांतेखेडा
ग. सिरपुरम् घ. गिरौदपुरी
4. दानम् विधम्:
क. चतुर्विधम् ख. पञ्चविधम्
ग. षट्विधम् घ. एक विधम्
5. संस्कृत भाषा अस्ति:
क. क्लिष्टा ख. कठिना
ग. अबोधा घ. रमणीया:
प्र2. निम्रलिखित शब्दों के संधि-विच्छेद कर नाम लिखिए :
1. प्रेजते 2. सज्जन:
प्र3. निम्रलिखित शब्दों की संधि कर नाम लिखिए :
1. गुरो + अत्र 2. तत् + लीन:
प्र4. निम्रलिखित शब्दों के समास बनाकर नाम लिखिए :
1. राज्ञ: पुरुष: 2. त्रयाणांपथां समाहार:
प्र5 निम्रलिखित शब्दों के समास-विग्रह कर नाम लिखिए।
1. रामलक्ष्मणौ 2. महापुरुष:
प्र6 निम्रलिखित संख्याओं को संस्कृत शब्दों में लिखिए:
1. 65 2. 77
प्र7 निम्रलिखित वाक्यों का वाच्य पहचानकर लिखिए :
1. रमेश: वनं गच्छति। 2. तेन हस्वते।
प्र8 निम्रलिखित शब्दों के धातु एवं प्रत्यय अलग-अलग कीजिए:
1. चयनीय: 2. जेय:
प्र9 निम्रलिखित शब्दों के प्रत्यय पृथक् कीजिए:
1. गुरुता 2. लज्जित:
प्र10 निम्रलिखित अव्ययों का संस्कृत वाक्यों में प्रयोग कीजिए :
1. सर्वत्र 2. अथ
प्र11 निम्रलिखित गद्यांश का हिन्दी में अनुवाद कीजिए :
धर्मानुष्टानम् अन्त: करणस्य शुद्धयै परिकल्पते। तेन च मानसिक: सड्कोच: अपगच्छति। स्वच्छे मनसि ईश्वर: स्वयं सन्निधत्ते, अनुगृöाति च। ‘ईश्वर: सर्वभूतानाम्’ इति गीतावचनात्। अत: सर्वेषु जनेषु ईश्वरो निवसति, इति निश्चित्य जनता जनार्दनस्य सेवा कत्र्तव्या, तेन चेश्वर: प्रसीदति।
प्र12 निम्रलिखित गद्यांश का हिन्दी में अनुवाद कीजिए :
सा कानपुरस्य नाना पेशवाया सह अध्ययनं अकरोत्। बरछी, ढाल:, कृपाण:, तस्या: सहचरी आसीत्। वीर शिवाया: गाथा: तस्या: मुखाग्र: आसीत्। झांसीनां नृपेण गङ्गधरेण सह विवाह: अभवत्। विवाहोपरान्ते किञ्चित- वर्पानन्तरं नि:संतानस्य गङ्गधरस्य मृत्यु: अभवत्।
प्र13 निम्रलिखित गद्यांश का हिन्दी में अनुवाद कीजिए:
अथ कदाचित् दानशालासु विचरन् स राजा बहुधन लाभेन् सन्तुष्टानाम् अर्थिनां विरलसंख्यां विलोक्य अचिन्तयम्-मम अर्थिन: तु धनलाभमात्रेण सन्तोषं भजन्ते। नूनं ते दानवीरा: सौभाग्यशालिन: यान् वाचका: शरीरस्यं अङ्गानि अपि याचन्ते।
प्र14 निम्रलिखित श£ोक का हिन्दी में अनुवाद कीजिए :
यां मेधां देवगणा: पिरतरश्चोपासते।
तया मामद्य मेधया भग्नेमेधाविनं कुरु।।
प्र15 निम्रलिखित श£ोक का हिन्दी में अनुवाद कीजिए :
मयूरनादाभिरतो गजराजनिशेवित:।
गस्यतां भक्ता शैलश्चित्रकूट: स विश्रुत:।।
प्र16 निम्रलिखित श£ोक का हिन्दी में अनुवाद कीजिए :
नारिकेल समाकारा दृश्यन्ते खलु सज्जना:।
अन्ये बदरिकाकारा बहरेव मनोहरा:।।
प्र17 निम्रलिखित में से हिन्दीं चार के निर्देशानुसार तीनों वचनों में शब्द रूप लिखिए:
1. गो- द्वितीया विभक्ति
2. पथिन्- षष्ठी विभक्ति
3. पुंस्- तृतीया विभक्ति
4. अदस् (स्त्रीलिंग)- प्रथमा विभक्ति
5. पयस्- चतुर्थी विभक्तिी
प्र16 निम्रलिखित में से किन्हीं चार धातुओं के तीनों वचनों में निर्देशानुसार रूप लिखिए :
1. अचर्् - लट्लकार, मध्यम पुरुष, परस्मैपद
2. तप्- विधिलिङ्ग, प्रथम पुरुष, परस्मैपद
3. मुञ्च्- लोट्लकार, उत्तम पुरुष, परस्मैपद
4. नश्- लृटलकार, प्रथम पुरुष, परस्मैपद
5. भू - लङ्कार, उत्तम पुरुष, परस्मैपद।
प्र19 निम्रलिखित में से किन्हीं चार वाक्यों का हिन्दी में अनुवाद कीजिए:
1. भारत: अस्माकं देश: अस्ति।
2. सरस्वत्यै: नम:।
3. नृप: ब्राह्मणाय धनं ददाति।
4. ग्रामं परित: वनं अस्ति।
5. माता कुमाता न भवति।
6. अहं प्रात: काले भ्रमणार्थ गच्छामि।
प्र20 निम्रलिखित में से किन्हीं चार वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद कीजिए :
1. गंगा हिमालय से निकलती है।
2. कवियों में कालिदास श्रेष्ठ है।
3. विद्या विनय देती है।
4. गुरुओं के साथ विवाद मत करो।
5. मैं लेखक हूँ।
6. राजिम तीन नदियों का संगम है।
प्र21 अपने प्राचार्य को तीन दिवस के अवकाश हेतु संस्कृत में एक आवेदन-पत्र लिखिएँ
अथवा
स्थानान्तरण प्रमाण-पत्र प्रदान करने के लिए अपने शाला प्राचार्य को संस्कृत में एक आवेदन-पत्र लिखिए।
प्र22 निम्रलिखित अपठित गद्यांश को पढक़र प्रश्रों के उत्तर निर्देशानुसार संस्कृत भाषा में दीजिए :
‘संस्कृत’ भाषा न केवलमतीतस्य अपितु भविष्यस्य अपि भाषाऽस्ति। इयमेवम् समृद्धा यस्यां दार्शनिक चिन्तमेव न केवलमपितु वैज्ञानिक तथ्यानां प्रभावपूर्ण वर्णनकर्तु शक्यते। सभ्यता संस्कृतेरेव इयं प्राचीनतमा भाषा न अपितु मानव सभ्यताया: उत्कृष्टं संस्कारपूर्णम्- च चिन्तनम् अभिव्यञ्जनाय क्षमा। अस्माभि: एतद् ज्ञातव्यम् यत् संस्कृतभाषाया अधुनातमे युगे साहित्य-दर्शन-ज्ञानक्षेत्रे अस्या उपयोगमावश्यम् सर्व हितायेयं भाषा।
1. शीर्षकं लिखतु।
2. सारांश-लेखनं कुरुत।
अथवा
1. प्राचीनतमा भाषा का अस्ति?
2. ‘ज्ञातव्यम्’ इति शब्दे प्रकृति प्रत्यय पृथक् क्रियताम्।
3. संस्कृत भाषाय: कस्मिन् क्षेत्रे उपयोगमावश्यकम्?
4. संस्कृत भाषा किम् कर्तुं क्षमा?
प्र23 निम्रलिखित प्रश्रों में से किन्हीं छ: प्रश्रों के उत्तर संस्कृत में लिखिए:
1. विद्वान कया मृत्युं तरति?
2. धनीराम: कस्य युग पुरुषस्य पिता आसीत्?
3. देशभक्ता: स्वतंत्रतायै किम् अयच्छन्?
4. अहं कीदृशं कृष्णं वन्टे?
5. नागप्पाशास्त्री क: आसीत्?
6. विद्याविहीन: नर: कीदृश: भवति?
7. धर्मस्य मूलं किम्?
प्र24 निम्रलिखित प्रश्रों में से किन्हीं छ: प्रश्रों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
1. महामायामंदिरं केन् निर्मितम्?
2. धान्यात् किं संभवति?
3. खल: किं करोति?
4. राजा राज्यं कस्मै दत्तवान?
5. निन्दित: मार्गा: के सन्ति?
6. महाभारतस्य लेखक: क: अस्ति?
7. मोहन: केन रोगेण पीडि़त: आसीत्?
प्र25 निम्रलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर 16 संस्कृत वाक्यों में निबंध लिखिए:
1. छात्र जीवनम्
2. परोपकार:
3. कवि: कालिदास:
4. अस्माकम् देश:
प्र26 अपनी संस्कृत पाठ्यपुस्तक से कंठस्थ कोई दो नीति या सुभाषित श£ोक लिखिए जो इस प्रश्र-पत्र में समाविष्ट न हों।
प्र27 अपनी संस्कृत पाठ्यपुस्तक से कण्ठस्थ काई पाँच सूक्तियाँ लिखिए जो इस प्रश्र-पत्र में समाविष्ट न हों